हम बदलाव से क्यों डरते हैं ? Fear of change
बदलाव ऐसी चीज़ है जिससे हर कोई डरता है । किसी को अपनी जॉब बदलनी हैं । अच्छी सेलरी मिलेगी, मगर अलग शहर हैं या किसीइतर कारण से जॉब बदलने से डर लगता हैं । किसी को जॉब छोड़कर ख़ुद का बिज़नस शुरू करना हैं, मगर डर लग रहा है । किसी कोबिज़नेस बढ़ाने के लिए लोन लेना है । कभी वातावरण के साथ पूरा बिज़नेस मॉडल बदलना आवश्यक होता हैं । जब भी हमें ऐसेबदलाव करने होते हैं, हम डर जाते हैं ।
अपनीं प्रगति के लिए, हमें बदलाव करने आवश्यक होते हैं । जो बिज़नेसमैन हैं; उन्हें अपने बिज़नेस को अप-टू-डेट रखना बहुत ज़रूरी हैं। बदलाव तो होने ही वाले हैं । कुछेक साल पहलें म्यूज़िक रिकॉर्ड हुआ करते थे । फिर कैसेट आ गए, वॉकमन आ गए, सीडी, आयपॉड, मोबाइल आ गए । वहीं फ़िल्मों की बात । आज मोबाइल, ओटीटी हैं । झेरॉक्स जैसे फ़ोटोकॉपी कंपनियाँ प्रिंटर्स के आने के बादअपने आप में बदलाव न कर सकीं ।
इस लिए बदलावों को पहले से ही जानना पहचानना ज़रूरी हैं । बदलावों से डरना नहीं है । उन्हें खुले दिल से अपनाना चाहिए । जोबदलाव है, उनका अपने आप पर या अपने बिज़नेस व्यवसाय पर क्या असर होगा? इसपर विचार करना चाहिए । यह बदलाव हमेंसफलता देंगे यह विश्वास होना चाहिए । और फिर बदलावों के मुताबिक़ अपने आप को बदलना हैं ।
अब लोग कैलरीज़ गिनकर खाते पिते हैं । तो पेप्सी और कोकाकोला ने लो कैलरी ड्रिंक लाए । बजाज स्कूटर्स की बिक्री कम हो रही थींऔर मोटरसाइकिल की बिक्री बढ़ रही थीं । बजाज का नाम बजाज स्कूटर्स के साथ जुड़ा हुआ था । राजीव बजाज जी ने बजाजस्कूटर्स का प्रॉडक्शन पूरी तरह बंद कर दिया । पूरा फ़ोकस मोटरसाइकिल पर लगा दिया । बदलाव के इस डर पर मात देकर बजाजऑटो ने आज इतनी सफलता पाई है ।
आज और एक बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है । इलेक्ट्रिक वाहनों का । ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कई सफल कंपनियाँ हैं । जो सोच रहीं हैंकि सब वाहन अब इलेक्ट्रिक बनाएँ या नहीं । इलेक्ट्रिक वाहनों में उन्हें सफलता मिलेगी या नहीं । इस लिए यह कंपनियाँ, छोटे पैमानेपर इलेक्ट्रिक वाहन बना रहीं हैं । उसी वक़्त एथर, ओला, ई प्ल्यूटो जैसी कई नई कंपनियाँ पूरी ताक़त से इलेक्ट्रिक वाहनों में उतर गईंहैं । बड़ी सफल कंपनियाँ इस बदलाव का सामना कैसे करतीं हैं यह देखने लायक़ होगा । सोलर एनर्जी ग्रीन एनर्जी तेज़ी से बढ़ रही है ।
खाने पिनें की चीजें हमें घर बैठे मिल रही हैं । ऑनलाइन पेमेंट, बैंक ट्रांसफ़र, पेटीएम, गूगल पे आम बात हो गई है । दुकान पर शॉपिंगकम हो गई हैं, ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ गई हैं । वर्क फ़्रॉम होम से ऑफिस की संकल्पना पूरी तरह से बदल गई हैं ।
बदलाव तों होते ही रहेंगे । इन बदलावों से डरकर हम अपने आप को न बदलें, तों इसका फ़ायदा कोई दूसरा व्यक्ति या दूसरी कंपनीउठा सकतीं हैं । जिससे आप पीछे रह सकते हैं । इसी लिए बदलावों के साथ अपने आप को बदलते रहना यही सफलता की पहली स्टेपहैं ।
प्रमोद वाघमारे
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