“गुड मॉर्निंग सर ।” मैं बोला ।
“गुड मॉर्निंग । आज सुबह सुबह मिलने आ गये? सब ठीक हैं ना? “
“सर, आपसे एक एडवाइज़ चाहिये थी ।” मेरे सामने बैठे सर क़ामयाब बिज़नेसमैन थे । उन्होंने हमेशा मेरी मदद की थी और आज भीमुझे मदद करेंगे यह विश्वास था ।
“बताओ मुझे ।”
“सर, एक कंपनी ने पार्टस् सप्लाई करने के लिये मुझे बुलाया हैं ।”
“गुड ।” सर ।
“सर, मगर दूसरा एक आदमी भी उनसे मिला है जो कम रेट में पार्टस् सप्लाई करना चाहता हैं ।” मैं बोला ।
“तो काम उसे मिलेगा ।” सर बोले ।
“पर सर मेरी क्वालिटी बढ़िया हैं । और मुझे पता हैं दूसरे आदमी की क्वालिटी बहुत ही ख़राब हैं । उसने हमेशा धोका दिया हैं ।” मैंबोला ।
“देख बेटा, वो क्या करता हैं वो उसका तरीक़ा हैं । तुम अपने क्वालिटी, मेहनत और ईमानदारी पर भरोसा रखो । तुम्हें सफलता तोमिलेगी ही ।” सर बोले ।
“धन्यवाद सर ।” मैं बोला ।
सर बोले, “ और एक बात हमेशा याद रखना । जब बिल्ली चुराकर दूध पीती हैं तब उसकी आँखें बंद होती हैं । उसे लगता हैं कि उसेकोई देख नहीं रहा । पर सब को सब पता होता हैं ।”
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प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare
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