Friday, April 17, 2020

ये नया ज़माना है दोस्त...पार्ट २ (हिंदी)

“आपने मुझे बुलाया? यहां का काम समझ में आया ही होगा |" ट्रान्सफर होकर आये नये अफसर से पुराने अफसर बोले |

"हां जी | दस दिनों में थोड़ा समझ गया हूं ।" नये अफसर बोले |

"सर, मैं अंदर आ जाऊं |" आवाज सुनकर दोनों ने दरवाजे के तरफ़ देखा | वो तो वहीं आदमी था जिसका चेक पुराने अफसर ने दो साल रोक रखा था |

"आईये, ये रहा आपका चेक |" नये अफसरने उसको चेक दे दिया |

चेक‌ देख कर उसके आंखों में आंसू आ गये | वो बोला," मैं आपके उपकार जिंदगी भर नहीं भूलूंगा |"

नये अफसर बोले," इसमें उपकार कैसा? ये तो मेरा कर्तव्य है |"

उस आदमी को चेक लेकर जाते ही पुराने अफसर नये अफसर से गुस्से से बोले," ये क्या कर दिया ? तुम्हें मैंने बताया था | बड़े साहब ने बताया था चेक रोकने के लिए |"

नये अफसर बोले," ये चेक रोकने का कोई भी कारण मुझे दिखा नहीं | और बड़े साहब की पर्सनल बातें हमारे काम में न आये तो बेहतर |"

नये अफसर के जवाब से पुराने अफसर और ज्यादा भड़क गये," गलत है यह | बड़े साहब को यह बिल्कुल पसंद नहीं आयेगा |"

बहुत ही शांत चित्त से नये अफसर ने उन्हें जवाब दिया," बड़े साहब मेरे अच्छे काम से मुझ पर खुश हो जाये तो वो मुझे ज्यादा पसंद होगा; ना की... और सही गलत पाप पुण्य क्या है यह मुझे पता हैं  | ये नया जमाना है मेरे दोस्त ।”

आपके अभिप्राय ज़रूर लिखें 🙏🙏🙏

प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare

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