बिल्डिंग के नीचे बहुत भीड़ थीं । कोई मर गया था । शोक का माहौल था । मैंने जैसे मेरे दोस्त ने बताया था वैसे ही उसे मिस कॉल करदिया । मैंने देखा एक आदमी वहाँ ज़ोर-ज़ोर से रो रहा था । लगता था वो उसका बड़ा भाई था । उसके साथ खड़े कुछ लोग भी रो रहे थे ।
तभी मेरा दोस्त भीड़ में से धीरे से मेरे बाईक के पास आया और बोला, “चलो, चलते हैं । ऑफ़िस को लेट हो जाएगा ।”
“देखो कितने रो रहे हैं वो ।” मैं बोला ।
“वो? वह उसका बड़ा भाई, कुछ रिश्तेदार और कुछ पार्टनर हैं । बहुत ही बड़े लोग हैं वो । जिन्होंने उस मृतक का हमेशा बुरा किया, धोखेदिये । पिछलें चार साल कभी उसे मिले भी नहीं और आज रोने का नाटक कर रह हैं ।” दोस्त बोला ।
“मगर सब लोग उस के भाई के पास ही जा रहें हैं ।” मैं बोला ।
“वहीं तो । और वह देख । मृतक की पत्नी, बेटा, माँ और कुछ दोस्त जो उसके साथ हमेशा थे; उनसे कोई मिलने नहीं जा रहा ।” जैसे वहबोला मेरी नज़र मृतक की पत्नी और साथ खड़े कुछ लोगों पर पड़ी ।
“चल यार । तू इतना दिल पर मत ले ।” मेरे बाईक के पीछे बैठते हुए दोस्त बोला, “दुनियाँ ऐसी ही होती हैं रे । तुमने वो गाना तो सुना हीहोगा... ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?”
हेलमेट पहनकर मैं ऑफिस के तरफ़ जाने लगा । मन में वहीं गाना बार बार प्ले हो रहा था...
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या हैं...
आपके अभिप्राय ज़रूर लिखें 🙏🙏🙏
प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare
https://www.facebook.com/pramodplanet/
#simple #pramodwaghmare
https://youtube.com/channel/UC6D3rune6wO6GQV9QMLT-vg
(C) Pramod Waghmare