Tuesday, March 3, 2020

दोस्त तो कमीने होते हैं ... (हिंदी)

फिरफिर क्या हुआ?” 

मेरी बेटी के आश्चर्य से खुलीं बड़ी बड़ी आँखें देखकर मैं अपने चेहरे पे और भी ज़्यादा डरावने भाव लेकर आगे बताने लगा, “इतनासन्नाटा था वहाँ और उसमें अमावस की रात... कुछ नहीं दिख रहा था... तभी दूर से छन छन आवाज़ आने लगी?”

फिर?” बेटा 

मैं थोड़े ही डरने वाला था। मैं पीपल के पेड़ के पास गया... हवाएँ और तेज़ हो गयी थी...”

चाय पी लीजिए ” पत्नी बोली  मैंने ग़ुस्से से उसे देखा  ये हमेशा मूड ख़राब कर देती हैं 

बताओ ना प्लीज़...” बेटी 

चाय की प्याली उठाकर मैंने जैसे ही होंठों से लगायीमेरा लंगोटिया यार  गया 

कभी तो फ़ोन उठाया कर यार ” दोस्त बोला ” भाभीजीएक चाय मेरे लिए भी 

अरेबच्चों को अपनी बचपन की कहानी सुना रहा था ” मैं बोला 

कौनसी कहानीमैं भी तो सुनूँ ” दोस्त 

“ कुछ नहीं यार ” मैं विषय बदलते बोला 

वहीं कहानी आपके बचपन की  आप सब दोस्तों की  अमावस्या की रात पिपल के पेड़ को छूकर आने की ” मेरी बेटी बोली 

मैं मित्र से बोला, “वह कहानी मैं बाद में बताता हूँ  और बताओ क्यों फ़ोन कर रहे थे 

मेरी बातों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ करते दोस्त बोला,” वह कहानीतुम्हारा बाप इतना डर गया था की बीच में ही भागकर वापस गया था  उस के बाद अगले कितने दिन रात को घर से बाहर भी निकलता था  क्यों बराबर ना मेरे दोस्त?”

मेरे बच्चे मेरे दोस्त के साथ ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगे और उस में चाय लेकर  रहीं मेरी पत्नी भी शामिल हुई  

मैं दोस्त को ग़ुस्से से देखकर यहीं सोच रहा था,” सालाये दोस्त तो बहुत कमीने होते हैं 


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प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare


#pramodplanet #pramodwaghmare 

इमानदारी मराठी

  इमानदारी अंग अवघडून गेलंय… तीन तास गाडी चालवायची आणि त्यात हा घाटातला रस्ता… यावर एकच औषध आहे, दोन पेग मारायचे… पण मैं पीता नही ना… एसीपी ...