मंदिर गया... मैं हिंदू था ।
मस्जिद गया... मैं मुस्लिम था ।
चर्च गया ... मैं ईसाई था ।
गुरुद्वारा गया ... मैं सीख था ।
आंध्रा गया.. मैं तेलगू था ।
गुजरात गया... मैं गुजराती था ।
फ़्रांस गया... मैं फ़्रेंच था ।
अमेरिका गया... मैं अमरीकी था ।
कभी मैं काला था... कभी मैं गोरा ।
कभी मैं दलित था... कभी मैं ब्राह्मण ।
मैंने गीता पढ़ीं, मैंने क़ुरान पढ़ीं ।
मैंने इतिहास पढ़ा, मैंने विज्ञान पढ़ा ।
मैं चाँद पर पहुँच गया ।
मैं ज्ञानी बन गया ।
लाठी चलानेवाला मैं ही था ।
तलवार चलानेवाला भी मैं था ।
पत्थर फेंकनेवाला मैं ही था ।
गोली मारनेवाला भी मैं ।
प्यार करनेवाला मैं ही था
नफ़रत फैलानेवाला भी मैं।
मैं दोस्त भी था
और वो दुश्मन भी मैं ही था ।
जब मेरे दोस्त बाहर
शहर जला रहे थे ।
तब डरे हुए दुश्मनों के परिवार को
मेरे घर में आसरा देनेवाला भी मैं ही था ।
पता नहीं कौन हूँ मैं...
आपके अभिप्राय ज़रूर लिखें 🙏🙏🙏
प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare
#pramodplanet #pramodwaghmare