अब उस सेमिनार में सब बोअर होने लगे थे | आधे घंटे बाद लंच ब्रेक था | सब घड़ी देख रहे थे | अब लास्ट प्रेजेंटेशन था और वो प्रेजेंटेशन देने वो आ गयी |
कितने साल हो गये | आज भी उतनी हीं सुंदर | उतनी ही ब्रिलियंट | उसने प्रेजेंटेशन चालू किया और जैसे सब माहौल बदल गया | अब लोग कभी तालियां बजा रहे थे, कभी हंस रहे थे |
तभी उसने मुझे देखा और बोलते बोलते रुक गयी | मुझे देखकर वह मुस्कराई | अब सब मुझे देख रहे थे | उसने फिरसे बोलना शुरू किया और मुझे काॅलेज के वो दिन याद आने लगें |
वो मेरी सबसे अच्छी दोस्त थी | हमेशा मेरा साथ देती, मुझे स्टडीज में मदत करती, दोस्तों से मेरे लिए लड़ती और बहुत ही ब्रिलियंट | मैं मन में बहुत प्यार करता था उसे | पर दिल की बात कभी बता न पाया उसे | वह आगे के स्टजीज के लिए युएस गयीं और इतने सालों के बाद मैं आज उसे देख रहा था |
प्रेजेंटेशन खत्म होते हीं तालियों के बीच लगभग भागते हुए ही वो मेरे पास आई |
"यार, कहा थे इतने साल? चलो तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं |" और मैं कुछ बोलूं उसके पहले ही मेरा हाथ पकड़कर मुझे खिंचती हुईं वो मुझे हाॅल के बाहर ले गयीं |
बाहर एक कैफे में बैठते ही उसने पूछा, "अब बताओ |" और अगले आधा घंटा हम बच्चों जैसी बातें कर रहे थें | बड़ी कंपनी में नौकरी, अच्छा पती और एक बेटा भी था उसको | मैंने भी मेरी जाॅब, पत्नी और मेरी बेटी के बारे बताया | लंच ब्रेक कब खत्म हुआं पता ही चला |
"चलो चलना होगा | कॉन्टैक्ट में रहना |" कुर्सी से उठते हुए वो बोली, " मैं कॉलेज में हमेशा इंतजार करतीं थीं कि तुम मुझे प्रपोज करोगे | काश..." और मेरी तरफ मुस्कुराते वो हॉल के तरफ चली गई |
"काश..." कहते हुए मैंने मेरी पत्नी का आ रहा कॉल रिसीव किया और उससे बातें करने लगा |
प्रमोद वाघमारे Pramod Waghmare
आपके अभिप्राय ज़रुर लिखिए 🙏🙏🙏
https://pramodplanet.blogspot.com/
#pramodplanet #pramodwaghmare